दिल परेशां सा फिर हुआ है आज
कहीं तुमने कुछ कहा तो नहीं दिल में
एक आवाज़ आई है कानों में मेरे
कहीं तुमको कुछ कहा तो नहीं किसी ने
लब खामोश हैं मगर दिल धड़क रहा है
जैसे लहरें उठ रही हो दूर गगन में
कहीं
तुम पास हो तो सही मगर पास नहीं
चाह कर भी कुछ ना कर पाऊं मैं
मगर तेरे दिल की धडकनों में शामिल
हर पल मैं ही
हर पल मैं ही
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