बंद करो ये
रोना धोना FDI
के मुद्दे पर,
बने एकमत सुर जो हमारा FDI के मुद्दे पर,
किसने कहा कि खतरा है वो भारत माँ के बेटों पर
क्यूँ इतना विश्वास हो चला है हमको
अंग्रेजों पर
किसने कहा कि खतरा है वो तन पर पहनी खादी पर
जब तक जिंदा है ना आये, आंच मेरी
आज़ादी पर
फूट डाल कर
राज किया था,
अब फिर वही चलाओगे
नेताओं को चाहे कर लो, हम में डाल ना पाओगे
वे चाहे खुद का ही सोचें, हम जो अब तक जिन्दा हैं
देश में चाहे तुम आ जाओ, दूकान चला ना पाओगे
कभी जेब
में पैसे ना हो, तू
ना देगा खाद मुझे
कभी जरुरत होगी मुझको, देगा ना तू उधार मुझे
मरने में, परने में, सबके, हो पायेगा शामिल ना
कभी मुसीबत आई मुझ पे, देगा ना तू हाथ मुझे
दूकान खोल लेने से केवल, देश नहीं लुट पायेगा
अगर नहीं चाहेंगे हम जो, वो क्या कुछ कर पायेगा
है दलील देते कृषकों की, उनकी सेहत की बात करें
देखभाल जो करें किसान की, वो क्यूँ उन तक जायेगा
हम सब ये
संकल्प हैं लेते, ना
आयेंगे द्वार तेरे
चाहे हम रह लेंगे खाली, लेंगे ना अहसान तेरे
हमको चिंता होती है
नुक्कड़ वाले चाचा के बच्चों की
मर जायेंगे महंगा खा कर, पर आयेंगे ना काम तेरे
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